Meaning of Alif Laam in English
Alif Laam
अलिफ़-लाम•اَلِف لام
Origin:Arabic
English meaning of Alif Laam
- •प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा, मबादियात विशेष • मबादियात= शुरू की वे बातें जो किसी प्रकार की विद्या पढ़ने से पहले सीखी जाती हैं और जिनके जाने बिना वह विद्या नहीं आती, आधारभूत बातें, प्रारम्भिक बातें; कलामुलल्लाह अर्थात क़ुरआन-ए-पाक की पहली सूरत या पहला सिपारा; सूरह-ए-बक़्र का पहला वाक्य (या पहली आयत) जो हुरूफ़-ए-मुक़त्त'आत में है विशेष • हुरूफ़-ए-मुक़त्त'आत= वे वाक्य जो क़ुरआन-ए-पाक की कुछ सूरतों के आरंभ में आते हैं जैसेः अलिफ़-लाम-मीम, या-सीन (الٓم ، یٰسین)
अलिफ़-लाम के हिंदी अर्थ
- •प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा, मबादियात विशेष • मबादियात= शुरू की वे बातें जो किसी प्रकार की विद्या पढ़ने से पहले सीखी जाती हैं और जिनके जाने बिना वह विद्या नहीं आती, आधारभूत बातें, प्रारम्भिक बातें; कलामुलल्लाह अर्थात क़ुरआन-ए-पाक की पहली सूरत या पहला सिपारा; सूरह-ए-बक़्र का पहला वाक्य (या पहली आयत) जो हुरूफ़-ए-मुक़त्त'आत में है विशेष • हुरूफ़-ए-मुक़त्त'आत= वे वाक्य जो क़ुरआन-ए-पाक की कुछ सूरतों के आरंभ में आते हैं जैसेः अलिफ़-लाम-मीम, या-सीन (الٓم ، یٰسین)
اَلِف لام کے اردو معانی
- प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा, मबादियात विशेष • मबादियात= शुरू की वे बातें जो किसी प्रकार की विद्या पढ़ने से पहले सीखी जाती हैं और जिनके जाने बिना वह विद्या नहीं आती, आधारभूत बातें, प्रारम्भिक बातें; कलामुलल्लाह अर्थात क़ुरआन-ए-पाक की पहली सूरत या पहला सिपारा; सूरह-ए-बक़्र का पहला वाक्य (या पहली आयत) जो हुरूफ़-ए-मुक़त्त'आत में है विशेष • हुरूफ़-ए-मुक़त्त'आत= वे वाक्य जो क़ुरआन-ए-पाक की कुछ सूरतों के आरंभ में आते हैं जैसेः अलिफ़-लाम-मीम, या-सीन (الٓم ، یٰسین)•
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What does Alif Laam mean?
Alif Laam is a word of Arabic origin used in Urdu, written as اَلِف لام and अलिफ़-लाम in Hindi.
The meaning of Alif Laam in English is “प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा, मबादियात विशेष • मबादियात= शुरू की वे बातें जो किसी प्रकार की विद्या पढ़ने से पहले सीखी जाती हैं और जिनके जाने बिना वह विद्या नहीं आती, आधारभूत बातें, प्रारम्भिक बातें; कलामुलल्लाह अर्थात क़ुरआन-ए-पाक की पहली सूरत या पहला सिपारा; सूरह-ए-बक़्र का पहला वाक्य (या पहली आयत) जो हुरूफ़-ए-मुक़त्त'आत में है विशेष • हुरूफ़-ए-मुक़त्त'आत= वे वाक्य जो क़ुरआन-ए-पाक की कुछ सूरतों के आरंभ में आते हैं जैसेः अलिफ़-लाम-मीम, या-सीन (الٓم ، یٰسین)”.