Meaning of Machhlii Ke Jaae Ko Tairnaa Kaun Sikhaae in English, Hindi & Urdu
Machhlii Ke Jaae Ko Tairnaa Kaun Sikhaae
English meaning of Machhlii Ke Jaae Ko Tairnaa Kaun Sikhaae
- •अपने पुश्तैनी या ख़ानदानी काम से हर व्यक्ति स्वयं अच्छी तरह परिचित होता है, उसे किसी से सीखने की ज़रूरत नहीं; जिसका जो पैतृक गुण है वह अपने आप आ जाता है सिखाना नहीं पड़ता; योग्य व्यक्ति स्वयं होशियार अर्थात बुद्धिमान होते हैं, उन्हें ज्ञान की आवश्यक्ता नहीं होती
मछली के जाए को तैरना कौन सिखाए के हिंदी अर्थ
- •अपने पुश्तैनी या ख़ानदानी काम से हर व्यक्ति स्वयं अच्छी तरह परिचित होता है, उसे किसी से सीखने की ज़रूरत नहीं
مَچْھلی کے جائے کو تَیرنا کَون سِکھائے کے اردو معانی
- اپنے آبائی یا خاندانی کام سے ہر شخص ازخود بخوبی واقف ہوتا ہے، اسے کسی سے سیکھنے کی ضرورت نہیں•
संबंधित शब्द · Related words
What does Machhlii Ke Jaae Ko Tairnaa Kaun Sikhaae mean?
Machhlii Ke Jaae Ko Tairnaa Kaun Sikhaae is a word used in Urdu, written as مَچْھلی کے جائے کو تَیرنا کَون سِکھائے and मछली के जाए को तैरना कौन सिखाए in Hindi.
The meaning of Machhlii Ke Jaae Ko Tairnaa Kaun Sikhaae in English is “अपने पुश्तैनी या ख़ानदानी काम से हर व्यक्ति स्वयं अच्छी तरह परिचित होता है, उसे किसी से सीखने की ज़रूरत नहीं; जिसका जो पैतृक गुण है वह अपने आप आ जाता है सिखाना नहीं पड़ता; योग्य व्यक्ति स्वयं होशियार अर्थात बुद्धिमान होते हैं, उन्हें ज्ञान की आवश्यक्ता नहीं होती”. In Hindi, it means "अपने पुश्तैनी या ख़ानदानी काम से हर व्यक्ति स्वयं अच्छी तरह परिचित होता है, उसे किसी से सीखने की ज़रूरत नहीं".