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Meaning of Taqdiir Ke Likhe Ko Tadbiir Kyaa Kare in English, Hindi & Urdu

Taqdiir Ke Likhe Ko Tadbiir Kyaa Kare

तक़दीर के लिखे को तदबीर क्या करेتَقْدِیر کے لِکھے کو تَدْبِیر کِیا کَرے

English meaning of Taqdiir Ke Likhe Ko Tadbiir Kyaa Kare

  • भाग्य नहीं बदल सकता, जो भाग्य में लिखा है वह अवश्य होगा; भाग्य के मुक़ाबिले में कुछ नहीं हो सकता, भाग्य को उपाय से बदला नहीं जा सकता; تقدیر بدل نہیں سکتی، جو قسمت میں لکھا ہے ضرور ہو گا

तक़दीर के लिखे को तदबीर क्या करे के हिंदी अर्थ

  • भाग्य नहीं बदल सकता, जो भाग्य में लिखा है वह अवश्य होगा

تَقْدِیر کے لِکھے کو تَدْبِیر کِیا کَرے کے اردو معانی

  • تقدیر بدل نہیں سکتی، جو قسمت میں لکھا ہے ضرور ہو گا

What does Taqdiir Ke Likhe Ko Tadbiir Kyaa Kare mean?

Taqdiir Ke Likhe Ko Tadbiir Kyaa Kare is a word used in Urdu, written as تَقْدِیر کے لِکھے کو تَدْبِیر کِیا کَرے and तक़दीर के लिखे को तदबीर क्या करे in Hindi.

The meaning of Taqdiir Ke Likhe Ko Tadbiir Kyaa Kare in English is “भाग्य नहीं बदल सकता, जो भाग्य में लिखा है वह अवश्य होगा; भाग्य के मुक़ाबिले में कुछ नहीं हो सकता, भाग्य को उपाय से बदला नहीं जा सकता; تقدیر بدل نہیں سکتی، جو قسمت میں لکھا ہے ضرور ہو گا”. In Hindi, it means "भाग्य नहीं बदल सकता, जो भाग्य में लिखा है वह अवश्य होगा".