आह
संस्कृतअव्यय
पीड़ाशोक
आह के हिंदी अर्थ
- संज्ञा, स्त्रीलिंग कराहना , दु:ख या क्लेशसुचक शब्द , ठंढी साँस , उसास उदाहरण . तुलसी आह गरीब की, हरि सों सही न जाय । मुई खाल की फूँक सों, लोह भसम होइ जाय ।
- संस्कृत ; संज्ञा, पुल्लिंग ललकार, युद्ध के लिये किसी को प्रचारना उदाहरण . भाल लाल बेंदी छए छुटे बार छबि देत । गह्वौ राहु अति आहु करि, मनु ससि सूर समेत ।
- संज्ञा, पुल्लिंग साहस, हियाव, बल उदाहरण . जड़के निकट प्रवीन की नहीं चलै कछु आह । चतुराई । ढिग अंध के, करै चितेरो चाह ।
बोलियों में अर्थ(Dialect Meanings)
ब्रज
संज्ञा, पुल्लिंग
दुःख , पीड़ा, शोक , पश्चात्ताप आदि का सूचक एक अव्यय ,
साहस , बल
उदाहरण
. गह्यो राहु अति आहु करि, मनु ससि सूर- बि० ३५५/१४७
आर्त्त-निवेदन
उदाहरण
. दृगपंधिन की यह आह दई ।; संज्ञा, स्त्रीलिंग
हाय , आह
उदाहरण
. आहि आहि करत औरंग सहओलिया ।
अवधी
फ़ारसी ; संज्ञा, स्त्रीलिंग
आह
हरियाणवी
अव्यय
पीड़ा द्योतक शब्द
कन्नौजी
अव्यय
दुःख, पीड़ा, शोक, पश्चात्ताप आदि का सूचक
मैथिली
विस्मयादिबोधक, असमापिका
खेदव्यञ्जक अव्यय; Interjection, Infinitive
alas!